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August 30, 2025 10:17 AM

बाबैन में आयोजित किसान मेले में किसानों को फसल विविधीकरण के बारे में किया जागरूक

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बाबैन,शर्मा । कृषि विभाग के द्वारा बाबैन के रायल पैलेस में जिला स्तरीय कृषि मेले का आयोजन किया गया। जिसमें लाडवा एसडीएम विनेश कुमार ने बतौर मुख्यतिथि शिरक्त की। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सहायक कृषि अभिंयता राजेश वर्मा ने की। एसडीएम विनेश कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि धान की कटाई के बाद पराली में आग न लगाएं और धान के अवशेषों में आग लगाने से जहां एक ओर पर्यावरण प्रदूषित होता है।

वहीं दूसरी ओर आमजन के स्वास्थ्य पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कुरुक्षेत्र द्वारा अपील की गई है कि कोई भी किसान धान के अवशेषों में आग न लगाएं तथा प्रशासन का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि अवशेषों में आग लगाने की बजाय पराली का विभिन्न कृषि यंत्रों जैसे सुपर सीडर, जीरो टीलेज मशीन, स्ट्रा चोपर, हैपी सीडर तथा रिवर्सिबल प्लो का उपयोग करके पराली तथा बचे हुए अवशेषों को खेतों में ही मिला दें, जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति में इजाफा होगा।

उन्होंने कहा कि किसान स्ट्रा बेलर कृषि यंत्र का उपयोग करके पराली की गांठ बनाएं तथा सरकार द्वारा प्रति एकड़ एक हजार रुपए का मुनाफा प्राप्त करें। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को एग्रीहरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पर अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। इस शिविर में कृषि विभाग के सहायक कृषि अभिंयता राजेश वर्मा ने किसानों को फसल अवशेषों को न जला कर उपजाऊ भूमि को सुरक्षित कैसे रख सकते हैं, के बारे में विस्तृत जानकारी दी।

एसडीओ जितेंद्र मैहता ने बताया कि धान की फसल के अवशेष व पराली को आग न लगाकर उसको मशीन कि सहायता से भूमि में ही मिलाया जा सकता है जो कि मिट्टी में मिल कर एक खाद के रूप में भी काम करता है जिस से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष की मशीन की सहायता से गठे बनाकर एकत्रित किया जा सकता है। पराली की गांठ बनाकर पिछले सीजन में कई किसानों ने मुनाफा कमाया है।

उन्होंने क्षेत्र किसानों से अपील की है कि वे फसलों के अवशेषों में आग न लगाएं क्योंकि आग लगाने से कृषि उपजाऊ भूमि की उपजाऊ शक्ति कम होती है और साथ ही साथ वायु में प्रदूषण फैलता है। उन्होंने किसानों से कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण अवश्य करवाएं ताकि उनको अपनी धान की फसल बेचने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस मौके पर एसडीओ जितेंद्र मैहता, सहायक कृषि अभिंयता राजेश वर्मा, रामगोपाल, फतेह सिंह, ममता सैनी, बीएओ विरेंद्र सिंह, अमित कंबोज, विनोद, गुलाब, सुरेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, प्रदीप कुमार, जय सिंह व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

Jarnail
Author: Jarnail

Jarnail Singh 9138203233 editor.gajabharyananews@gmail.com

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