कुरुक्षेत्र । विधानसभा क्षेत्र लाडवा के विधायक मेवा सिंह भी ई-टेंडरिंग को लोकतंत्र की हत्या करार दिया और सरकार द्वारा सरपंचों की पावर पर रोक लगाने व उन्हें चोर डाकू की उपाधि देने का जमकर विरोध किया। उन्हें सरकार पर आरोप लगाए कि ई-टेंडरिंक को ग्राम पंचायतों पर जबरदस्ती थोपा जा रहा है। विधायक शुक्रवार को बिहोली गांव स्थित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में धरने पर बैठे सरपंचों को समर्थन देने आए।
विधायक मेवा सिंह ने कहा कि प्रजातंत्र के इतिहास में यह पहली बार ऐसा हुआ कि सरपंचों की पावर पर रोक लगाने के साथ-साथ उन्हें चोर, डाकू की उपाधि दी गई । उन्होंने सरपंचों पर थोपी गई ई टेंडरिंग को लोकतंत्र की हत्या के समान बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सरपंचों के हितो के लिए काम किया है और कांग्रेस पार्टी सरपंचों के साथ हैं।
विधाायक ने कहा कि वह गांव के सरपंच से लेकर जिला परिषद के चेयरमैन और अब विधायक के पद पर हैं। वे पंचायत की सारी प्रक्रियाओं से गुजरे हुए हैं। लेकिन वर्तमान गठबंधन सरकार ने सरपंचों पर जबरदस्ती ईटेंडरिंग थोप कर उनकी पावर को कम करने का काम किया है। सरकार यदि सही रूप में ग्राम पंचायतों का विकास कार्य करवाना चाहती है तो उसे पहले ई टेंडरिंग को बंद करके अपनी टेक्निकल विंग पर रोक लगाए। जब टेक्निकल विंग पर लगाम लगेगी तो सारा भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा
क्योंकि टेक्निकल विंग ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली विंग है । टेक्निकल विंग का चाहे जेई हो या एसडीओ या एक्शन हो वह सरपंच द्वारा करवाए गए कार्यों मैं लगाए जा रहे मटेरियल को कभी भी पूरा नहीं करते बल्कि मटेरियल को कम कर देते हैं ताकि सरपंच को खफा होकर रिश्वत देनी पड़े और जो सरपंच ईमानदारी से काम करना चाहते हैं उन्हें भी अनेक कर्मचारी ईमानदारी से काम करने नहीं देते हैं और सरपंचों को परेशान किया जाता है । उन्होंने मांग की कि सरपंच को 20 लाख तक के विकास कार्य करवाने की पावर दोबारा से मिलनी चाहिए ताकि गांव का विकास कार्य सुचारू रूप से हो सके।

Author: Jarnail
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